भीलवाड़ा जिले में रबी मौसम की फसलों के लिए यूरिया और अन्य उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। जिले में कुल आवंटित 1.11 लाख मीट्रिक टन यूरिया में से अब तक 72,000 मीट्रिक टन वितरित किया जा चुका है। शेष स्टॉक की आपूर्ति भी लगातार जारी है।
कृषि विभाग ने किसानों से आग्रह किया है कि वे उर्वरक का सही मात्रा में उपयोग करें। एक बिघा खेत में केवल 10–15 किलोग्राम यूरिया का इस्तेमाल करें, ताकि मिट्टी की गुणवत्ता बनी रहे और फसल सुरक्षित रहे। जरूरत पड़ने पर “नैनो यूरिया” का उपयोग भी सुझाया गया है।
मॉनसून में अच्छी बारिश और जल स्रोतों में बढ़ोतरी के कारण रबी फसलों की बुवाई में मदद मिली है। गेहूं, चना, सरसों और तिल जैसी फसलें अब किसानों की देखरेख में बोई जा रही हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि सही समय पर उर्वरक मिलने से फसल की पैदावार में सुधार होगा और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
इस पहल से किसानों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। कृषि अधिकारियों का कहना है कि मिट्टी परीक्षण के आधार पर उर्वरक का सही उपयोग सुनिश्चित करने से लंबे समय में बेहतर उत्पादन और टिकाऊ खेती सुनिश्चित होगी।