राजस्थान में खनन क्षेत्र में पिछले दो वर्षों के दौरान मिनरल एक्सप्लोरेशन, खनिज ब्लॉकों की नीलामी, नीतिगत सरलीकरण और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से विभिन्न स्तरों पर विकासात्मक गतिविधियाँ देखी गई हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में राज्य का खनन क्षेत्र राष्ट्रीय स्तर पर रैंकिंग में बेहतर स्थिति में पहुँचा है और प्रमुख खनिज ब्लॉकों की नीलामी के मामले में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, वर्तमान कार्यकाल में खनन क्षेत्र से लगभग 17,778 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया है। सभी आवश्यक अनुमतियों के साथ कुछ खनिज ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। इसके साथ ही खनिज खोज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसी तकनीकों के उपयोग तथा खनिज डंप्स और टेलिंग्स में स्ट्रेटेजिक व क्रिटिकल मिनरल्स की संभावनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है।
राज्य में निवेशोन्मुखी खनिज नीतियों के अंतर्गत राजस्थान खनिज नीति-2024, एम-सैंड नीति-2024 और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नीति-2025 लागू की गई हैं। इन नीतियों का उद्देश्य खनन क्षेत्र में सतत विकास को प्रोत्साहित करना बताया गया है। इसी अवधि में प्रमुख खनिजों के 112 तथा लघु खनिजों के 1209 ब्लॉकों की नीलामी की गई है।
नई नीतियों के माध्यम से खनन क्षेत्र की राज्य की जीडीपी में भागीदारी को चरणबद्ध रूप से बढ़ाने, राजस्व सृजन को मजबूत करने और प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसरों में वृद्धि के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक दायित्व और सुशासन जैसे पहलुओं को भी नीति ढांचे में शामिल किया गया है।
राजस्थान में विभिन्न स्ट्रेटेजिक और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे रेयर अर्थ एलिमेंट्स, लिथियम, टंगस्टन, ग्रेफाइट और फास्फोराइट की संभावनाओं पर सर्वेक्षण एवं अध्ययन कार्य जारी हैं। भारत सरकार द्वारा शुरू की गई ई-नीलामी प्रक्रिया के तहत भी राज्य में खनिज विकास से जुड़े प्रयास किए जा रहे हैं।
नीलामी के बाद खानों के शीघ्र संचालन के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय हेतु पोस्ट-ऑक्शन फैसिलिटेशन सेल की स्थापना की गई है। इसके अतिरिक्त, खनन क्षेत्र में प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में ई-भुगतान, ई-रवन्ना, मोबाइल एप आधारित निरीक्षण, ऑनलाइन पंजीकरण और वाहन ट्रैकिंग जैसी व्यवस्थाओं पर कार्य किया जा रहा है।
राइजिंग राजस्थान 2024 के दौरान खनन एवं पेट्रोलियम क्षेत्र से संबंधित विभिन्न निवेश प्रस्तावों पर समझौते किए गए हैं, जिनमें से कुछ परियोजनाओं पर कार्य प्रगति की जानकारी दी गई है। निवेशकों के साथ संवाद और परियोजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े प्रयास लगातार जारी हैं।
